‘अनभ्र रात्रि की अनुपमा‘ एवं ‘उत्थिष्ठ भारत‘ मेरी कविताओं के दो संग्रह हैं | मेरी कविताओं में आपको कभी देशभक्ति की भावना फूटती नज़र आएगी, तो कभी छोटानागपुर में बसे आदिवासियों के संघर्षमय, स्वप्निल, कर्मप्रधान जीवन के दर्शन होंगे | कुछ कविताओं में समाजवाद दिखेगा तो कुछ कविताएँ विरक्ति एवं विद्रोह के रस में डूबे मिलेंगे | इनमें कभी आपको संवेदनशीलता और श्रृंगार के दर्शन होंगे तो कभी आपको आक्रोश और शोक फूटता दिखेगा | कुछ कविताएँ मोहभग्न करते नज़र आयेंगे, तो कुछ में राजनीती, संस्कृति, प्रेम, वात्सल्य जैसे रसों का भी समागम मिलेगा |
प्रस्तुत हैं मेरी कुछ कविताएँ-












