कविताएँ

अनभ्र रात्रि की अनुपमा‘, ‘उत्थिष्ठ भारत‘ एवं यायावर मेरी कविताओं के तीन संग्रह हैं | मेरी कविताओं में आपको कभी देशभक्ति की भावना फूटती नज़र आएगी, तो कभी छोटानागपुर में बसे आदिवासियों के संघर्षमय, स्वप्निल, कर्मप्रधान जीवन के दर्शन होंगे | कुछ कविताओं में समाजवाद दिखेगा तो कुछ कविताएँ विरक्ति एवं विद्रोह के रस में डूबे मिलेंगे | इनमें कभी आपको संवेदनशीलता और श्रृंगार के दर्शन होंगे तो कभी आपको आक्रोश और शोक फूटता दिखेगा | कुछ कविताएँ मोहभग्न करते नज़र आयेंगे, तो कुछ में राजनीती, संस्कृति, प्रेम, वात्सल्य जैसे रसों का भी समागम मिलेगा |

प्रस्तुत हैं मेरी कुछ कविताएँ-

??????????????????????

‘यायावर’ से-

nyt

psychedelia

‘उत्थिष्ठ भारत’ से-

all animals

village

‘अनभ्र रात्रि की अनुपमा’ से-

patel

psychedelic