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Hindi poet and translator based in Bangalore, India.
Category: Arts
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1967 में मार्टिन लुथर किंग जूनियर ने वियतनाम के कवि और बौद्ध भिक्षु थिक नात हान को नोबेल पुरस्कार के लिए नामांकित करते हुए कहा था – “मैं किसी दूसरे ऐसे व्यक्ति को नहीं जानता जो इस पुरस्कार के इतना योग्य है। वियतनाम के इस शान्तिदूत की बातों पर अगर ग़ौर किया गया तो विश्व…
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सिंगापुर के चर्चित कवि एल्विन पैंग से मैं दिसंबर 2014 में चेन्नई प्रवास के दौरान मिला था। यहीं मैंने इनके साथ एक मंच पर छात्रों के बीच अपनी कविताएँ पढ़ीं, इनकी शांत गंभीर आवाज़ में इन कविताओं का अनुभव किया, और अगले कुछ दिनों तक इन्हें पढ़ता रहा। पैंग की कविताओं से गुज़रना बरसात के…
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राजकमल चौधरी ने ‘मुक्ति-प्रसंग’ के बारे में लिखा है – ‘मैंने अनुभव किया है, स्वयं को और अपने अहं को मुक्त किया जा सकता है।… इस अनुभव के साथ ही, दो समानधर्मा शब्द – जिजीविषा और मुमुक्षा – इस कविता के मूलगत कारण है।’ चीनी कवि शी लिजी की कविताओं को पढ़कर भी कुछ ऐसा…
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लेखक पेरूमल मुरुगन के खुदको मृत घोषित करने के एक वर्ष के भीतर पंसारे और कलबुर्गी जैसे रेशनलिस्ट हमारे देश में बढ़ रही फासिस्ट ताकतों के हाथ मारे गए। विरोध का दमन हमारे देश में कई सालों से होता आया है। वरिष्ठ पत्रकार पी साईनाथ के अनुसार ग्रामीण भारत में अपने हक के आवाज़ उठाना…
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कोबायाशी इस्सा (1763 – 1828), जिन्हें इस्सा के नाम से भी जाना जाता है, जापानी हाइकू के चार स्तम्भों में गिने जाते हैं, जिनमें इनके अलावा मात्सुओ बाशो, योसा बुसोन और मासाओका शिकि भी शामिल हैं। जापान में इस्सा हाइकू के जन्मदाता माने जाने वाले बाशो जितने ही लोकप्रिय हैं। बाशो से एक शताब्दी बाद जन्मे इस्सा को हाइकू की रूढ़िवादी प्रथा का विधर्मी माना गया…