Monthly Archives: December 2018

बचपन और कविताएँ : कार्यशाला के कुछ नोट्स

श्रीमती कमला सकलेचा ज्ञान मंदिर मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले के भानपुरा गाँव में स्थित है। साल 2016 में इस स्कूल में मेरा तीसरा प्रवास पूरा हुआ। आईआईटी की तैयारी के लिए मशहूर कोटा शहर से डेढ़ घंटे की दूरी पर स्थित होने के बावजूद चम्बल नदी के किनारे बसा भानपुरा और आस पास के गाँव काफी पिछड़े हुए हैं। मार्च की गर्मी में सुबह की प्रार्थना के समय स्कूल की छात्राओं को सिर चकराकर गिरते देख महसूस होता है कि स्वास्थ्य और पोषण के मामले में ये ज़रा पीछे छूट गए हैं। मेरे बचपन की सहपाठी लड़कियाँ इनसे काफी सेहतमंद हुआ करती थीं। Continue reading

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योसा बुसोन की कविताएँ

योसा बुसोन (1716-1783) को जापानी हाइकु के चार स्तंभों में गिना गया है। जापान में बुसोन से बड़े कवि एकमात्र मात्सुओ बाशो (1644-1694) ही हैं। बाशो को जापान के महानतम कवि के रूप में स्थापित करने में बुसोन और इनके साथियों की बड़ी भूमिका थी। कवि के अलावा बुसोन एक विलक्षण चित्रकार और खुशनवीस भी थे। बुसोन और इनके साथियों ने मिलकर हाइकु के इतिहास को खंगाला, और बाशो समेत कई पुराने कवियों को ये काव्य की मुख्यधारा में लेकर आये। इन्होंने एक लम्बा और स्वस्थ जीवन जिया। Continue reading