मैंने आत्महत्या नहीं की
न किसी का खून
मेरा कोई वकील भी नहीं
लेकिन इस कटघरे में सदा
खड़ा हूँ; मज़ाक ही सही !
मुझे किसी ने प्रस्तावित नहीं किया
न किसी ने पेश
मैं फिर भी लड़ता हूँ
मैं मज़दूर – मैं किसान – मैं भारत देश |
-Sourav Roy “Bhagirath”
मैंने आत्महत्या नहीं की
न किसी का खून
मेरा कोई वकील भी नहीं
लेकिन इस कटघरे में सदा
खड़ा हूँ; मज़ाक ही सही !
मुझे किसी ने प्रस्तावित नहीं किया
न किसी ने पेश
मैं फिर भी लड़ता हूँ
मैं मज़दूर – मैं किसान – मैं भारत देश |
-Sourav Roy “Bhagirath”